May 27, 2022
कर चोरी के मामले में तीन करोड से अधिक वसूली

कर चोरी के मामले में तीन करोड से अधिक वसूली

कर चोरी के मामलों में व्यवसाईयों के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग की सख्त कार्रवाई
एंटी इवेजन ब्यूरो की सख्त मॉनीटरिंग से कर चोरी पकड़ी

भोपाल। जीएसटी में कर चोरी करने वाले व्यवसाइयों के विरूद्ध प्रदेश में सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे व्यावसाइयों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वाणिज्यिक कर विभाग ने अप्रैल माह में कर चोरी करने वाले व्यावसाइयों के विरूद्ध कार्रवाई की है। जीएसटी में परिवहन के लिये उपयोग में लाये गये वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है और वाहन जाँच से कर चोरी का नेटवर्क भी ध्वस्त किया गया है। कर चोरी करने वाले व्यापारियों पर निरंतर निगरानी रखने से उन्हें पकड़ना संभव हो पाया।

मेसर्स स्टर्लिंग एग्रो इंडस्ट्रीज मालनपुर ग्वालियर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। विभाग की डाटा एनालिटिक्स टीम एवं एंटी इवेजन ब्यूरो ने जाँच में मेसर्स स्टर्लिंग एग्रो इंडस्ट्रीज के कारोबार में कई खामियाँ पाई। व्यापारी के व्यवसाय स्थल पर जाँच कार्यवाही के दौरान 1 करोड़ 46 लाख रूपये नगद जमा करवाए गए एवं कोयला क्रय 19 लाख रूपये का आईटीसी रिवर्सल करते हुए 1 करोड़ 65 लाख रूपये स्वेच्छिक रूप से जमा कराए गए हैं।

एक अन्य जाँच में पाया गया कि मेसर्स क्रेटिव कारपोरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स आदित्य ट्रेडिंग कंपनी इंदौर फर्म्स के डायरेक्टर विनीत गर्ग एक ही व्यक्ति है। उनके द्वारा एक ही व्यवसाय स्थल से दोनों फर्म्स का संचालन किया जा रहा है। दोनों ही फॉर्म्स के आपसी ट्रांजेक्शन पंजीयन निरस्त होने के बावजूद यह किया जा रहा था।

मेसर्स मुरली ट्रेडर्स कटनी के क्रेडिट लेजर में मात्र उपकर की राशि लगभग 69 लाख रूपये प्रदर्शित हो रही थी, जबकि कर राशि नगण्य थी। यह एक असामान्य स्थिति है। परीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि आउटवर्ड सप्लाई पर प्रदर्शित देय कर का अनुपात इनवर्ड सप्लाई पर प्राप्त आईटीसी के अनुपात में कम पाया गया है। इसके अतिरिक्त व्यवसाई द्वारा कर के रूप में नगद भुगतान की राशि भी अत्यधिक न्यून है।

मेसर्स श्री श्याम आयरन एंड स्टील जबलपुर की जाँच में पाया गया कि समान पैन पर छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित अपनी ही फॉर्म को 1 करोड़ 58 लाख रूपये का लोहा एवं इस्पात की आउटवर्ड सप्लाई प्रदर्शित की गई, जो संदिग्ध एवं अव्यवहारिक थी। छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित अपनी फर्म को ही बिना माल की सप्लाई के केवल टैक्स इनवॉइस जारी कर बोगस आईटीसी का हस्तांतरण किया।

मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम में उपयोग हो रहे वाहनों के संचालन की भी जाँच की जा रही है। ऐसे कई प्रकरणों में वाहन जाँच के दौरान टैक्स चोरी का नेटवर्क भी उजागर हुआ है। साथ ही इन वाहनों को जप्त कर आर्थिक दण्ड वसूला गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *