May 27, 2022
भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी –  मोदी

भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी – मोदी

आज देश में है प्रो-एक्टिव स्टार्टअप नीति एवं पर्याप्त स्टार्टअप नेतृत्व

अर्थ-व्यवस्था के लिये नई बेकबोन बन रहे हैं स्टार्टअप : चौहान
प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं पोर्टल लांच किये

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नई स्टार्टअप नीति बनाने एवं उपर्युक्त स्टार्टअप ईको सिस्टम तैयार करने में सराहनीय कार्य किया है। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार तथा जनता बधाई के पात्र हैं। इंदौर की धरती पर युवा स्टार्टअप क्रांति ला रहे हैं, जो सबके लिये प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी। आज देश में प्रो-एक्टिव स्टार्टअप नीति एवं पर्याप्त स्टार्टअप नेतृत्व है। पूरी दुनिया में भारत के स्टार्टअप ईको सिस्टम की प्रशंसा हो रही है। भारत में स्टार्टअप्स सामान्य भारतीय युवा के सपने पूरा करने के सशक्त माध्यम बन रहे हैं। वर्ष 2014 में भारत में केवल 300 से 400 स्टार्टअप्‍स थे, वहीं आज उनकी संख्या 70 हजार तक पहुँच गई है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज मध्यप्रदेश की नई स्टार्टअप नीति एवं मध्यप्रदेश स्टार्टअप पोर्टल को दिल्ली से वर्चुअली लांच किया। उन्होंने नये स्टार्टअप चालू करने वाले मध्यप्रदेश के युवाओं इंदौर के तनु तेजस सारस्वत, भोपाल की सुश्री उमंग श्रीधर एवं इंदौर के श्री तौफिक खान से वर्चुअल संवाद भी किया। तीनों स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री के साथ अपने कार्य की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता भी ऑनलाईन प्रदान की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश के छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप्स प्रारंभ हो रहे हैं। भारत के 650 से ज्यादा जिलों में 50 हजार से अधिक स्टार्टअप्स उद्योगों से जुड़े हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण बात है कि हमारे अनेक स्टार्टअप्स 8-10 दिन में ही यूनिकार्न बन जाते हैं। एक नये स्टार्टअप को 7 करोड़ रूपये की पूँजी तक पहुँचना बड़ी उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे स्टार्टअप्स की सफलता का कारण देश में इन्फ्रा-स्ट्रक्चर निर्माण, शासकीय प्रक्रियाओं का सरलीकरण एवं लोगों के माइंडसेट में परिवर्तन कर नये ईकोसिस्टम का निर्माण करना है। स्टार्टअप्स के लिये हैकाथोन मजबूत बुनियाद बना है। हमारे विद्यालय स्टार्टअप्स की नर्सरी के रूप में काम कर रहे हैं। यहाँ अटल टिंकरिंग लेब बनाये गये हैं। देश में 700 से अधिक इन्क्यूबेशन सेन्टर्स बनाये गये हैं। स्टार्टअप के इन्क्यूबेशन के साथ ही इनकी फंडिंग की व्यवस्था भी की जाती है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिये सरकार टैक्स में छूट एवं अन्य इनसेंटिव दे रही है। साथ ही सरकार खरीददार भी बन रही है। जैम पोर्टल, जिस पर 13 हजार से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर हैं, के माध्यम से गत दिनों साढ़े 6 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार किया गया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप की सफलता में सस्ते मोबाइल फोन एवं सस्ते डेटा का महत्वपूर्ण योगदान है। स्टार्टअप और यूनिकार्न आज देश में लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। क्लीन एनर्जी, हेल्थ, टूरिज्म, कृषि, खुदरा व्यापार के क्षेत्र में स्टार्टअप्स उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। मोबाइल गेमिंग के क्षेत्र में आज भारत दुनिया में टॉप 10 में है। टॉयस के ग्लोबल मार्केट में अभी भारत एक प्रतिशत से भी कम पर है, इस क्षेत्र में नौजवानों को आगे आना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत में खेल संस्कृति विकसित हो रही है। भारत में 800 से अधिक स्टार्टअप्स खेल-कूद के कार्य से जुड़े हैं। स्मार्ट फोन डाटा के उपयोग में भारत दुनिया में नंबर वन है, वहीं इंटरनेट के इस्तेमाल एवं ग्लोबल रिटेल व्यापार में नंबर दो है। भारत में ईज ऑफ लिविंग एवं ईज ऑफ डूईंग बिजनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी दशक में भारत की ग्रोथ एवं सक्सेस स्टोरी उल्लेखनीय होगी।

50 हजार किराना दुकानों को डिजिटली जोड़ा
प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल के गजलकार दुष्यंत कुमार की पंक्ति “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों” से अपना संबोधन शुरू किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अटल जी ने भी युवाओं को परिश्रम का आव्हान किया था। स्वामी विवेकानंद जी ने दृढ़ता के साथ संदेश दिया था कि मनुष्य के लिये कोई कार्य असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर राज्य सरकार मूर्त रूप प्रदान कर रही है। स्टार्टअप के क्षेत्र में बैंगलुरू और हैदराबाद को हम पीछे छोड़ सकते हैं। स्वच्छता में अग्रणी रहने वाले इंदौर में स्टार्टअप क्षेत्र में 700 करोड़ की फंडिंग आ चुकी है। प्रदेश में अधो-संरचना विकास के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। इस वर्ष 20 लाख टन गेहूँ निर्यात का लक्ष्य है। देश की जीडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गया है। अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना हमारा संकल्प है। जनवरी, फरवरी और मार्च माह में करीब 14 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने में सफलता मिली है। मध्यप्रदेश का नौजवान भी नई उड़ान के लिये तैयार है। स्टार्टअप नीति सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी। स्टार्टअप विकास के लिये प्रदेश में ईको सिस्टम तैयार है।

प्रधानमंत्री का नेतृत्व है दूरदर्शी, युवाओं को मिल रहा पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ग्रोथ रेट में निरंतर वृद्धि हो रही है। स्थिर सरकार है। प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2025 तक भारत की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर प्रयासरत हैं। एक समय था, जब स्टार्टअप के बारे में कोई नहीं जानता था। अब देश में स्टार्टअप के लिये युवाओं को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं से आह्वान किया कि “राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।”

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