August 8, 2022
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार  कुशवाह ने शहर के नए वार्डों को दीं 4.52 करोड़ की सौगातें

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कुशवाह ने शहर के नए वार्डों को दीं 4.52 करोड़ की सौगातें

कहा विशेष कार्ययोजना के तहत होगा शहर के नए वार्डों का सुनियोजित विकास

ग्वालियर। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने मंगलवार को शहर के वार्ड 62 व 64 की विभिन्न बस्तियों में लगभग 4 करोड़ 52 लाख रूपए लागत के विकास कार्यों की सौगातें दी। इन विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में श्री कुशवाह ने कहा कि शहर में शामिल हुए नए वार्डों (61 से 66) की सभी बस्तियों के सुनियोजित विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है। इन वार्डों में विकास कार्यों के लिए राज्य शासन स्तर से लगातार धनराशि की मंजूरी मिल रही है।
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री कुशवाह ने मंगलवार को शहर के वार्ड 64 के अंतर्गत मोतीझील से हीरानगर तक पाइप लाईन द्वारा पेयजल प्रदाय कार्य की आधारशिला रखी। पेयजल संबंधी विभिन्न कार्यों सहित यह पाइप लाइन लगभग 2 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से बिछाई जायेगी। श्री कुशवाह ने इसी वार्ड के अंतर्गत पुरानी छावनी से अम्बेडकर पार्क तक 59 लाख 40 हजार रूपए की लागत से बनने वाली डाम्बरीकृत सड़क कार्य और पुरानी छावनी मार्ग, हीरानगर से हीरामन बाबा तक 39 लाख 25 हजार रूपए की लागत से बनने जा रही सीसी रोड़ निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।
इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी छावनी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। यहाँ जल्द ही संजीवनी क्लीनिक खुलेगी, जिसके माध्यम से स्थानीय निवासियों को प्राथमिक चिकित्सा के लिये दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय बस्तियों के निवासी मौजूद रहे।

ग्वालियर में प्रदेश भर के किसान सीखेंगे आलू की उन्नत तकनीक

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार भारत सिंह कुशवाह ने मंगलवार को शहर के वार्ड 62 के अंतर्गत बेहटा में संभागीय कृषक प्रशिक्षण केन्द्र का भूमिपूजन किया। इस केन्द्र के निर्माण पर 95 लाख 71 हजार रूपए की राशि खर्च की जायेगी। भूमिपूजन कार्यक्रम में श्री कुशवाह ने जानकारी दी कि ग्वालियर में बनने जा रहे इस संभागीय प्रशिक्षण केन्द्र में ग्वालियर चंबल अंचल के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश के कृषक आलू उत्पादन की उन्नत तकनीक सीखेंगे। इसी परिसर में आलू की ऐरोपोनिक लैब का निर्माण भी किया जायेगा। आलू उत्पादन की यह विश्व की सर्वश्रेष्ठ तकनीक है। इस तकनीक से न केवल आलू का अधिक उत्पादन होता है, अपितु उचित गुणवत्ता का आलू भी पैदा किया जा सकता है।

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